शारदीय नवरात्र के आगाज के साथ ही नुमाइशखेत मैदान में दुर्गा और देवी पूजा महोत्सव शुरू हो गया है। पूजा पंडालों से भव्य कलश यात्राएं निकाली गईं। ढोल, नगाड़ों की थाप के साथ निकाली गई कलश यात्राओं के दौरान पूरा नगर जयकारों से गुंजायमान रहा। सोमवार की सुबह दुर्गा और देवी पूजा पंडालों में सुबह से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। पूजा पंडाल से नगर भ्रमण करते हुए दोनों कलश यात्राएं सरयू नदी तट पर पहुंची। महिलाओं ने नदी का पावन जल कलशों में भरा। यहां से जयकारों के साथ यात्रा वापस नुमाइशखेत मैदान में पहुंची। विधिविधान से दोनों पूजा पंडालों में मूर्तियों की स्थापना की गई। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए। देवी पूजा पंडाल में बालिकाओं ने मां दुर्गा की स्तुति पर आधारित शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन किया। पूरे दिन पंडालाें में लोग दर्शन को आते रहे। शाम से रात तक भजन-कीर्तन किए गए। इस मौके पर जीवंती कांडपाल, मीरा रौतेला, चंद्रा उपाध्याय, जया जोशी, प्रेमा उपाध्याय, उमा गुरुरानी, विमला पंत, ममता रावत, मुकेश साह, नवीन लोहनी, राजेंद्र प्रकाश उपाध्याय, सूरज जोशी, मनोज जोशी आदि मौजूद रहे।