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जागेश्वर धाम में भीड़ नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं, मंदिर परिसर की क्षमता मात्र 1000; पहुंच रहे 2500 से अधिक लोग

हीरा मेहरा Updated Wed, 06 Aug 2025 01:03 PM IST

जागेश्वर धाम में दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वर्तमान में यहां सावन माह पर श्रावणी मेला चल रहा है। प्रशासन की ओर से यहां भीड़ नियंत्रण, यातायात नियंत्रण को लेकर कोई भी व्यवस्था नहीं की है। जागेश्वर मंदिर परिसर में करीब एक हजार से कम लोगों की क्षमता है भीड़भाड़ के समय से 2500 से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। यहां पार्किंग की भी उचित व्यवस्था नहीं है। एक ओर वाहन पार्क हो रहे हैं तो दूसरी ओर फड़ लगे हुए हैं। मंदिर के नीचे ओर नदी है आपात स्थिति होने पर यहां दिक्कतें हो सकती हैं। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान पता चला कि जागेश्वर धाम से करीब 2.5 किमी पहले वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां पर सिर्फ 150 वाहन ही पार्क हो पाते हैं। पार्किंग क्षमता कम होने के कारण लोगों को मजबूरी में सड़कों के किनारे वाहन पार्क करने पड़ते हैं। आरतोला से जागेश्वर धाम को जाने वाली सड़क सिंगल लेन है। यहां भी कई स्थानों पर सड़क के दोनों ओर वाहनों के पार्क होने के कारण आवाजाही में दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने पूछताछ में बताया कि आरतोला के बाद से शटल सेवा की व्यवस्था की गई है। भीड़ कम होने पर वाहन आसानी से आवाजाही करते हैं। भीड़ बढ़ने पर यहां सड़क पर जाम लगा रहता है। मंदिर के आसपास सड़क की चौड़ाई करीब 12 फिट है इसी सड़क के किनारे फड़ भी लगाई गई हैं और दूसरी ओर दो-पहिया वाहन भी पार्क किए गए हैं। ऐसे में पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मंदिर में प्रवेश करने वाले मुख्य गेट की चौड़ाई 10 फुट है। भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने पर दिक्कत होती है। अगर कोई आपात स्थिति हुई तो गेट से बाहर निकलने में श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

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