मेरठ। हस्तिनापुर कस्बे में चल रही श्रीरामलीला में भरत मिलाप प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने भक्ति, त्याग और भाई के प्रति प्रेम के दृश्यों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ननिहाल से अयोध्या लौटे भरत और शत्रुघ्न को राजमहल का बदला हुआ माहौल देखकर आश्चर्य हुआ। भरत ने माता कैकेयी से घटनाक्रम की जानकारी ली। सच्चाई जानकर उन्होंने कैकेयी के निर्णय का विरोध किया। भरत ने स्पष्ट कहा कि अयोध्या का राजसिंहासन भगवान श्रीराम का है और वह स्वयं राजा नहीं बनेंगे। मंचन के दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए।