मथुरा के बरसाना में लाडो के जन्म की मंगल बेला पर भानु भवन बधाइयों के स्वरों से गूंज उठा। लाला के गांव नंदगांव से जन्म की बधाई लेकर पहुंचे समाजियों के राधा जन्म के पदों ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। सखियां भावविभोर होती रहीं और श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारों में झूमते रहे। उधर फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजी बरसाना की गलियां, मंदिरों की सीढ़ियां और परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। कोई श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ रहा था तो कोई राधे-राधे का संकीर्तन करते परिक्रमा में लीन था। महल-अटारी की जगमगाहट और भक्ति में डूबे धाम के बीच अब हर निगाह उस मंगल घड़ी पर टिकी है, जब श्रीजी महल में राधारानी का प्राकट्य होगा। राधाष्टमी की पूर्व संध्या पर बरसाना लाडो के जन्मोत्सव की उमंग में डूबा रहा। भानु भवन में समाज गायन का क्रम आगे बढ़ा तो राधा जन्म के पदों की मिठास आंगन से निकलकर वातावरण में घुलती चली गई। समाजियों के कंठ से निकले पदों के भाव पर सखियों के चेहरे पर उल्लास छलकता रहा। आंगन में मौजूद श्रद्धालु भी बधाई गायन सुनकर भावविभोर होते रहे। हर स्वर में अपनी आराध्या के प्राकट्य की खुशी झलकती रही। इसी बीच नंदगांव से समाजी राधा जन्म की बधाई लेकर बरसाना पहुंचे। नंदगांव के समाजियों ने बधाई के पद गाए तो भानु भवन का उल्लास और गहरा हो गया। बधाई के स्वरों के बीच सखियां भावविभोर होती रहीं और श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारों में झूमते रहे। नंदगांव से बरसाना पहुंचने वाली यह बधाई ब्रज की उस आत्मीय परंपरा को जीवंत करती है, जिसमें लाला के गांव से लाडो के जन्म की खुशी लेकर समाजी बरसाना आते हैं।