श्रीकृण्ण लीला मंचन के लिए शत प्रतिशत पात्र गांव के ही बच्चे व युवा होते हैं। पात्रों का चयन पात्रता और कद-काठी के अनुरूप पात्र का चयन होने के बाद एक माह से उनके मंचन को सिखाया जा रहा है। लीला में मंचन के दौरान सभी अपनी-अपनी भूमिका बखूबी अदा करते हैं। यह लीला का 149 वन वर्ष है दशहरा के बाद से पत्रों का चयन कर उन्हें मंचन प्रतिदिन सिखाया जा रहा है।