आयकर विभाग ने कारोबारी, पेशेवर व्यक्तियों और ट्रांसपोर्टर को राहत दी है। उन्हें अब अपने आयकर रिटर्न में न्यूनतम अनुमानित आय घोषित करनी होगी। इससे उन्हें बही खाते और अन्य अभिलेख रखने से छूट मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 (कर निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 है। कर ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर तक अपलोड करनी होगी। ये रिटर्न पुराने आयकर कानून 1961 के तहत ही दाखिल किए जाएंगे। न्यूनतम अनुमानित आय से अधिक आय भी घोषित की जा सकती है। मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि कारोबारियों को धारा 44एडी, पेशेवर व्यक्तियों को धारा 44एडीए और ट्रांसपोर्टर को धारा 44एई के तहत यह सुविधा मिलेगी। यदि कोई करदाता निर्धारित न्यूनतम आय से कम घोषित करता है, तो उसे बहीखाते रखने होंगे। इसके अलावा, आयकर कानून की धारा 44एबी के तहत चार्टर्ड एकाउंटेंट से कर ऑडिट भी कराना अनिवार्य होगा। धारा 44एडी के तहत व्यक्तिगत, एचयूएफ और साझेदारी फर्मों को लाभ मिलेगा। उन्हें कुल सकल विक्रयधन का कम से कम आठ फीसदी शुद्ध लाभ घोषित करना होगा। यदि विक्रयधन बैंक हस्तांतरण से प्राप्त होता है तो छह फीसदी शुद्ध लाभ घोषित करने की छूट है। यह लाभ दो करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबारियों के लिए उपलब्ध है। यदि 95 फीसदी या अधिक प्राप्ति ऑनलाइन बैंकिंग या यूपीआई से होती है तो यह सीमा तीन करोड़ रुपये तक बढ़ जाएगी। धारा 44एडीए के तहत वकील, डॉक्टर, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, इंजीनियर और इंटीरियर डेकोरेटर जैसे पेशेवर व्यक्ति शामिल हैं। उन्हें सकल प्राप्ति का पचास फीसदी शुद्ध आय घोषित करनी होगी। यह नियम पचास लाख रुपये तक की सकल प्राप्ति वाले पेशेवरों पर लागू होगा। ऑनलाइन बैंकिंग या यूपीआई से 95 फीसदी या अधिक प्राप्ति पर यह सीमा 75 लाख रुपये तक है। धारा 44एई के तहत दस माल वाहन तक के ट्रांसपोर्टर को लाभ मिलेगा। हल्के वाहनों के लिए सात हजार पांच सौ रुपये प्रति माह प्रति वाहन और भारी वाहनों के लिए एक हजार रुपये प्रति टन प्रति माह आय घोषित करनी होगी।