श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन के प्रणेता और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह जन्म शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह का आयोजन बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में किया गया। इस मौके पर परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि अशोक सिंहल ने हिंदू समाज को स्वाभिमान का भान कराया। श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के चंदा प्रकरण के बाद राय पहली बार किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने सार्वजनिक रूप से सामने आए। बुधवार को परिषद कानपुर प्रांत के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन्मशताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने किया। अध्यक्षता लोहिया कॉर्प लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोहिया ने की। समारोह में मुख्य वक्ता चंपत राय रहे। उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के संघर्षपूर्ण दिनों का भावपूर्ण स्मरण किया। अशोक सिंहल को आधुनिक भारत में सनातन जागरण के युगपुरुष बताया। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक समरसता, वंचित वर्गों के उत्थान और धर्मांतरण रोकने के लिए जो नींव रखी, उस पर निरंतर आगे बढ़ना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य अतिथि स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि अशोक सिंहल संतों के हृदय में बसते थे। उन्होंने भारत की सुप्त संत-शक्ति को संगठित कर राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में आहुति देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने देश व दुनिया के हिंदुओं को एक सूत्र में पिरोकर सांस्कृतिक एकता का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए उद्योगपति लोहिया ने कहा कि अशोक सिंहल का त्याग, समर्पण और राष्ट्र-चेतना सदैव समाज को प्रेरणा देती रहेगी। इस मौके पर ज्ञानेन्द्र मिश्रा, प्रकाश शर्मा, दीपक राजे, अशोक बाजपेई ने अपने संस्मरण साझा किए। प्रांत मंत्री राजू पोरवाल ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष का कार्यवृत्त बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक, प्रांत संघचालक भवानी भीख, पंचदशनाम जून अखाड़ा की महामंडलेश्वर योगेश्वरी यति, विहिप प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना जी, प्रांत कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल, नीतू सिंह, डॉ अंगद सिंह, स्वप्निल वरुण, नरेश तोमर, डॉ. हेमंत मोहन, सरदार गगन ढींगरा आदि रहे।