शासन-प्रशासन के 'संपूर्ण समाधान दिवस' के दावों की पोल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढिमलोनी में खुलती नजर आ रही है। समाधान दिवस में गुहार लगाने के पखवाड़े भर बाद भी जब अधिकारियों की नींद नहीं टूटी, तो बारिश का पानी लोगों के लिए आफत बन गया। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ढिमलोनी के चुरारी रोड पर पानी निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने से पूरा इलाका जलमग्न हो चुका है। सड़कों से लेकर मकानों के सामने खाली पड़े प्लॉट तक तालाब में तब्दील हो गए हैं। जिससे ग्रामीण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जलभराव की स्थिति इतनी भयानक हो चुकी है कि लोग रोजमर्रा के सामान और राशन के लिए बाजार तक जाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ढिमलोनी निवासी जगदीश श्रीवास ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 दिन पूर्व तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में जल निकासी की इसी गंभीर समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया। नतीजा यह हुआ कि बारिश में ही पूरा इलाका टापू बन गया। तहसील प्रशासन के इस बेपरवाह रवैये से स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। श्रवण मिश्रा, बसंत पटेल, प्रवेश पटेल, अखिलेश लिटोरिया, नीलेश गुप्ता, नीरज गुप्ता सहित अनेक ग्रामीणों ने शासन व उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि बंद पड़े नाले को तत्काल खुलवाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायत को नजरअंदाज करने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का समाधान दिवस पर विश्वास बना रहे। इस संबंध में उप जिलाधिकारी मनोज कुमार भारती ने बताया कि चुरारी रोड पर जल भराव की सूचना मिली है। पानी निकासी की व्यवस्था जल्द ही कराई जाएगी।