अमेठी में ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती, गलत बिलों को ठीक कराने और 16 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान महिलाओं व संगठन कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट व अभद्रता के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर महिला किसानों का आंदोलन रविवार को छठवें दिन भी जारी रहा। गौरीगंज स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र पर महिलाएं अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी रहीं। दोपहर बाद नायब तहसीलदार और ट्रांसमिशन के अधीक्षण अभियंता धरनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने संगठन की जिला अध्यक्ष रीता सिंह से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलने से प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं। रीता सिंह ने कहा कि 16 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने वाले संबंधित जेई और कर्मचारियों के साथ गौरीगंज इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसकी प्रति संगठन को उपलब्ध करानी होगी। साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के मुताबिक 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन भी देना होगा। दोनों मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जुलाई की घटना के बाद से संगठन लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं उठा रहा है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई और समस्याओं के समाधान की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई निस्तारण नहीं हुआ। रीता सिंह ने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने और गलत बिलों की समस्या से किसान परेशान हैं। जब तक इन समस्याओं के साथ 16 जुलाई की घटना में कार्रवाई नहीं होती, तब तक महिला किसान धरनास्थल से नहीं हटेंगी।