मोटापा, धूम्रपान, तनाव, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह। ये हृदय रोग की बड़ी वजह हैं। इसके चलते 25 की उम्र में भी हार्टअटैक हो रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सोसाइटी की कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0 कार्यशाला के पहले दिन डॉक्टरों ने व्याख्यान दिए। पद्मश्री डॉ. दलजीत सिंह गंभीर ने बताया कि फास्टफूड, देर रात तक जागना, धूम्रपान, तनाव और अधूरी नींद के चलते हृदय बीमार पड़ रहा है। 25 की उम्र में हार्टअटैक हो रहे हैं। इनमें नौकरी-पेशा वाले युवा अधिक हैं। हालत ये है हार्टअटैक के मरीजों में 40 साल से कम उम्र के करीब 20 फीसदी और 30 से कम उम्र के 7 फीसदी मरीज मिल रहे हैं। फरीदाबाद के डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पोटेशियम बढ़ने से हृदयगति रुकने और किडनी खराब होने का भी खतरा है। ऐसे में जांच करते हुए पोटेशियम पर नियंत्रण जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. सुवीर गुप्ता, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. सुमीत सेठी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. विवेका कुमार, डॉ. गजेंद्र गोयल डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. कैलाश विश्वानी, डॉ. एसके कालरा, डॉ. ईशान गुप्ता ने भी व्याख्यान दिए। डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि तंबाकू और धूम्रपान की लत है और परिवार में किसी को हृदय रोग है तो ऐसे युवाओं में हार्टअटैक का खतरा तीन गुना है। इसमें परिजन को अगर 50 की उम्र में हार्टअटैक हुआ है तो उसे 10 साल पहले होने की आशंका है। ऐसे में फैमिली हिस्ट्री को कतई नजरअंदाज न करें।