आगरा में तत्कालीन पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गाैड ने बिजलीघर चाैराहे को माॅडल के रूप में विकसित किया मगर अब यह चाैराहा ऑटो-ई रिक्शा और बस स्टैंड बनकर रह गया है। पांच रास्तों पर जाने के लिए राहगीरों से लेकर निजी वाहन चालकों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से यहां वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े होते हैं और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है।