लुधियाना के जस्सियां रोड स्थित तरसेम अस्पताल के समीप रेलवे ओवरब्रिज के पार बसी कुंज विहार कॉलोनी के पीछे बने कबाड़ के एक बड़े गोदाम में देर रात अचानक भयावह आग भड़क उठी। केसरी एनक्लेव से सटे इस कबाड़ गोदाम और आसपास की झुग्गियों में आग की गगनचुंबी लपटें उठती देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आस-पास के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। जिसके बाद एक एक कर छह से सात गाड़ियां वहां पहुंची। जिन्होंने बार बार चक्कर लगा करीब चालीस गाड़ियां पानी डाल कर आग पर करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आस-पास के लोगों नेघरों से बाहर निकल सारी रात सड़क पर ही बिताई। चीख-पुकार और धुएं के गुबार के बीच घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। फायर अफसर राजिंदर कुमार के मुताबिक, हादसे की जानकारी रात लगभग पौने ग्यारह बजे प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया। आग का रूप इतना विकराल था कि कुछ ही देर में इसने विशाल रूप धारण कर लिया। फायर ब्रिगेड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती दौर में छह टैंकर पानी का इस्तेमाल करने के बावजूद लगभग 40 फीसदी हिस्से पर ही नियंत्रण पाया जा सका। हालात की गंभीरता को देखते हुए अन्य स्टेशनों से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां मंगवाई गईं, जो देर रात तक आग को पूरी तरह शांत करने के प्रयास में जुटी रहीं। करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। जिस स्थान पर आग लगी, वहां विशाल कबाड़ गोदाम के साथ-साथ कई प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां भी मौजूद थीं। ये प्रवासी इलाके से कचरा और कबाड़ चुनकर यहीं जमा करते थे और यहीं गुजर-बसर करते थे। फिलहाल इस हादसे में हुए जान-माल के नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।