पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही मंडियों में किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गीली होने से कटाई का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, मंडियों में बिक्री के लिए लाई गई धान की फसल भी भीग गई। अब किसान और आढ़ती मंडियों में धान को बोरियों से निकालकर दोबारा सुखाने में जुटे हैं। इसके बावजूद फसल में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद और बिक्री के दौरान कटौती का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता केएस कंग और सचिव आढती फेडरेशन पंजाब गुरनाम सिंह छीना ने कहा कि धान में नमी अधिक होने के कारण प्रति क्विंटल 100 से 200 रुपये तक की कटौती की जा रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकारी खरीद के लिए धान में नमी की निर्धारित सीमा 17 प्रतिशत है, लेकिन बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है। ऐसे में मिल मालिक अधिक नमी वाली फसल लेने में आनाकानी कर रहे हैं और नमी के हिसाब से कटौती की जा रही है। माइच्चर 25 रुपए प्रति प्वाइंट का कट बनता है लेकिन, 40 रुपए प्रति प्वाइंट किसानों से कट मांगा जा रहा है।