मोगा के दाना मंडी में नशे के मुद्दे को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ एक रोष रैली की हे इस मौके तेली को संबोधन करने पहुंचे पूर्व मेंबर पार्लमेंट हरसिमरत कौर बादल पहुंचे। मोगा दाना मंडी से रोष मार्च निकालकर मोगा एडीसी को मांग पत्र सौंपे गए। हरसिमरत कौर बादल ने जनता को संबोधन करते हुए कहा पंजाब में नशे का कारोबार गांव-गांव तक पहुंच चुका है, जिससे युवाओं की एक पूरी पीढ़ी प्रभावित होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की होम डिलीवरी तक हो रही है। महिलाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे नशे के खिलाफ आगे आएं और गांव-गांव जाकर इसके कारोबार के विरुद्ध आवाज उठाएं। उन्होंने दावा किया कि कई महिलाएं उनसे मिलकर अपने बेटों के नशे की चपेट में आने की शिकायत कर रही हैं। हरसिमरत ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय प्रचार पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AAP ने सत्ता में आने से पहले नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। रिश्वत के आरोपों की जांच की मांग।अकाली दल के ज्ञापन में मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े 5 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के आरोपों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की गई। हरसिमरत ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सुनाम के मोहनजीत सिंह और दिड़बा के गुलजार सिंह के साथ कथित पुलिस ज्यादती की भी स्वतंत्र जांच की मांग की। साथ ही नशा कारोबारियों से कथित मंथली वसूली के आरोप लगाते हुए सरकार से पूछा कि उन्हें किसका संरक्षण मिल रहा है। हरसिमरत ने महिलाओं को ₹1,000 मासिक देने के वादे, बेरोजगारी, राशन और महंगाई के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि 2027 में महिलाएं सरकार को जवाब देंगी। सत्ता में आने पर अकाली दल ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़े कानून, आटा-दाल योजना, बुजुर्ग पेंशन, शगुन योजना में बढ़ोतरी और गांवों में सिलाई केंद्र खोलने का वादा किया। उन्होंने पंजाब में नशे की तस्करी और ओवरडोज से हो रही मौतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। हरसिमरत बादल ने आरोप लगाया कि नशा तस्कर बेखौफ होकर नशा बेच रहे हैं, जबकि शिकायत करने वाले लोगों पर ही कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कई गांवों के बाहर चिट्टा बिकने संबंधी शिकायतें लिखी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। हरसिमरत बादल ने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के साथ भी ज्यादती की जा रही है। उन्होंने गुलजार सिंह और मोहनजीत सिंह का उदाहरण देते हुए सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हरपाल चीमा के बादल परिवार को विदेश भाग जाने के बयान के ऊपर कहा कि, आप सरकार ने मंत्री जो खुद को ईमानदार बताते थे और बड़े-बड़े विज्ञापन व पोस्टर लगाते थे। आज ईडी जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई से क्यों भाग रहे हैं? विदेश क्यों जा रहे हैं । क्योंकि हकीकत यह है कि पंजाब की जितनी भी जमीन थी, उस पर कब्जे किए गए, उसे बेचा गया और कमाई की गई। पंजाब के सारे अधिकार कमजोर कर दिए गए। उन्होंने कहा मुंडिया कियू भाग गए ईडी कि डर से जो राजमाता जी हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के 28 दौरे किए हैं, और कितने हजार एकड़ जमीन के मामले हैं—भगवंत मान और उनके मंत्रियों समेत किसी को भी हम भागने नहीं देंगे। जहां भी होंगे, उन्हें पकड़कर वापस लाया जाएगा। उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने इनका साथ दिया है। पंजाब की एक-एक एकड़ जमीन और पंजाब के एक-एक संसाधन को, जिसे इन्होंने बेचकर खा लिया है, उसे जब्त करके दोबारा सरकारी खजाने में वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा चीमा साहब को शर्म करनी चाहिए। हमारे भाई गुलजार सिंह ने सिर्फ इतना पूछा था कि मेरा गांव में चिट्टा बेचने वाला गुंडा है, उसे रोकते क्यों नहीं हो? लेकिन उसे पकड़कर उसका क्या हाल किया गया? हरपाल चीमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। आज कहते हैं कि फलां के खिलाफ हो जाओ, फलां के खिलाफ हो जाओ। बीबी गुरप्रीत कौर ने पांच करोड़ रुपये लेकर महिलाओं की इज्जत नीलाम कर दी और बलात्कारी के खिलाफ विदेश में मामला दर्ज हुआ। आपकी विधायक मुंह पर पट्टी बांधकर घूम रही हैं। जो 11-12 महिला विधायक हैं, क्या उन्हें शर्म नहीं आती? उन्होंने कहा कि अकाली दल नशे के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेगा और पंजाब के लोगों के मुद्दों को लेकर आने वाले समय में भी बड़े स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।