पंजाब में सियासी दलों की ओर से मुफ्त गारंटियों पर फिर दांव खेलने की तैयारी है। सूबे की सियासत में ये मुफ्त सुविधाएं अब महज लोकलुभावन घोषणाएं ही नहीं रहीं, बल्कि मतदाताओं तक असरदार पहुंच का एक बड़ा माध्यम बन चुकी हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार जहां इसे अपनी सियासी ताकत का एक बड़ा आधार मानती है वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी इन सबके बंद होने का डर भी दिखा रही है। अपने लोक मिलनी कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अब खुलेआम इस तरह की आशंका मतदाताओं के समक्ष जता रहे हैं। मुफ्त गारंटियों व सुविधाओं की बात करें तो यह सियासी दांव नया नहीं है। पंजाब में पिछले चार चुनावों का ट्रेंड देखें तो इस तरह की लोकलुभावन घोषणाएं पहले की जाती रही हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इस तरह के वादे किए और उन्हें इसका लाभ भी मिला। साल 2022 में पहली बार पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी की सरकार को तो इसका बंपर फायदा मिला था। लिहाजा, इस बार भी आप इस पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। ऐसे में दूसरे दल भी विभिन्न वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए इस तरह की मुफ्त गारंटियों का सहारा लेने की तैयारी में हैं।