नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में वीरवार को अमृतसर के भंडारी पुल पर विभिन्न संगठनों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण पुल पर यातायात बाधित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। निहंग सिंह नेता एवं सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब से जुड़े जोगा सिंह वडाला ने आरोप लगाया कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या नशा कारोबारियों ने की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले भी मुख्यमंत्री और डीजीपी से मांग की गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मिशन एकता पंजाब के युवा विंग के चेयरमैन अमन वाल्मीकि ने नशे से जुड़े मामलों में शामिल लोगों के हथियार लाइसेंस रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। वहीं, नेता राज कौर ने नशे और बेरोजगारी के कारण युवाओं को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। उधर, डीसीपी जुग्राज सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात बहाल कर दिया गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।