जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। सिवनी मालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर की गई करीब 80 वर्षीय महिला मरीज सुमंत्रा बाई को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस डोलरिया के पास अचानक खराब हो गई। गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस के बीच रास्ते में रुक जाने से परिजनों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, महिला मरीज की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे सिवनी मालवा से नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया था। 108 एंबुलेंस मरीज को लेकर दोपहर करीब 3 बजे सिवनी मालवा से रवाना हुई। करीब 43 किलोमीटर का सफर तय करने के दौरान डोलरिया के पास एंबुलेंस अचानक खराब हो गई।
डेढ़ से दो घंटे तक खड़ी रही एंबुलेंस
एंबुलेंस खराब होने के बाद गंभीर मरीज और उसके परिजन परेशान हो गए। परिजनों का आरोप है कि खराब एंबुलेंस डोलरिया में करीब डेढ़ से दो घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान मरीज की हालत को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती रही। परिजनों ने डॉक्टर और एंबुलेंस चालक से दूसरी एंबुलेंस बुलाने की मांग की, लेकिन उनके अनुसार दूसरी एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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गंभीर हालत में एंबुलेंस के अंदर परेशान होती रही बुजुर्ग महिला
परिजनों का कहना है कि वे लगातार दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग करते रहे। इस दौरान बुजुर्ग महिला मरीज खराब एंबुलेंस के अंदर ही परेशान होती रही और परिजन मदद के लिए इधर-उधर भटकते रहे। काफी इंतजार के बाद जब दूसरी एंबुलेंस मौके पर पहुंची, तब महिला मरीज को खराब 108 से दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस मरीज को लेकर नर्मदापुरम जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई।
शाम 6:25 बजे जिला अस्पताल पहुंची मरीज
बताया जा रहा है कि दूसरी एंबुलेंस से रवाना होने के बाद बुजुर्ग महिला को करीब शाम 6:25 बजे नर्मदापुरम जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यानी सिवनी मालवा से दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ सफर एंबुलेंस खराब होने के कारण कई घंटे तक खिंच गया।
एंबुलेंस की फिटनेस जांच पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर मरीज को रेफर करने से पहले जिस 108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया था, उसकी फिटनेस और तकनीकी स्थिति की जांच की गई थी या नहीं? साथ ही सवाल यह भी है कि यदि किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस रास्ते में खराब हो जाए, तो ऐसी आपात स्थिति में तत्काल दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की क्या व्यवस्था है?
पहले भी 108 एंबुलेंस को लेकर उठ चुके हैं सवाल
नर्मदापुरम जिले में 108 एंबुलेंस को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पूर्व में एंबुलेंस में सब्जियां ले जाने का मामला सामने आया था। अब गंभीर महिला मरीज को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस के रास्ते में खराब होने की घटना ने एक बार फिर जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल इस पूरे मामले में सीएमएचओ नर्सिंह गहलोत से फोन पर बात करना चाहिए तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। एंबुलेंस खराब होने के कारण और दूसरी एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में लगे वास्तविक समय को लेकर विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।