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मंडला: तिलरी गांव में लगातार घूम रहा बाघ, दो हाथियों के साथ निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम

Tue, 29 Sep 2026 03:52 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

जिले के तिलरी गांव में पिछले कुछ दिनों से बाघ की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ खेतों और बाड़ियों के साथ-साथ घरों और आबादी के आसपास भी घूम रहा है। बाघ द्वारा कुत्तों का शिकार किए जाने की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। बच्चों के स्कूल जाने को लेकर भी अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बाघ की लगातार मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और कान्हा टाइगर रिजर्व का अमला अलर्ट हो गया है। कान्हा टाइगर रिजर्व की वॉच टीम दो हाथियों के साथ तिलरी गांव पहुंची है। टीम हाथियों की मदद से बाघ की गतिविधियों और उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रख रही है। स्वस्थ नजर आया था बाघ
कान्हा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि तिलरी गांव से लगा क्षेत्र वन विकास निगम के अधीन आता है और यह घटिया बफर से लगा हुआ क्षेत्र है। संबंधित आईएफएस अधिकारी से बाघ की मूवमेंट की जानकारी मिलने के बाद टीम को निगरानी के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बाघ के जो वीडियो सामने आए थे, उनमें वह स्वस्थ दिखाई दे रहा था और सामान्य रूप से भागता हुआ भी नजर आया था। जानकारी के मुताबिक, बाघ ने किसी शिकार को किया था, लेकिन ग्रामीणों की मौजूदगी और आसपास के व्यवधान के कारण वह शिकार को खा नहीं पाया।

पढ़ें: गुना पुलिस में एआई से होगा ड्यूटी मैनेजमेंट, एक दिन पहले मोबाइल पर मिलेगा ड्यूटी चार्ट हाथियों के जरिए बाघ की निगरानी
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि बाघ गांव के आसपास लगातार मूवमेंट कर रहा है। ऐसे में उसकी वास्तविक स्थिति और व्यवहार को समझने के लिए दो हाथियों को मौके पर भेजा गया है। इससे बाघ की गतिविधियों पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी और उसे प्राकृतिक रूप से जंगल की ओर लौटने का मौका दिया जाएगा। वन विभाग की टीपीएफ टीम और घटिया बफर की टीम भी पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का सहयोग भी लिया जा रहा है। पहले जंगल की ओर भेजने का प्रयास, जरूरत पड़ी तो होगा रेस्क्यू
वन विभाग का प्रयास है कि बाघ बिना किसी हस्तक्षेप के प्राकृतिक रूप से आबादी से दूर जंगल की ओर लौट जाए। टीम बाघ के व्यवहार और मूवमेंट पर नजर रखने के बाद आगे का निर्णय लेगी। यदि बाघ आबादी से दूर नहीं जाता और रेस्क्यू की आवश्यकता महसूस होती है, तो वन विभाग द्वारा रेस्क्यू की कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार वर्मा ने ग्रामीणों से धैर्य रखने और बाघ को जानबूझकर परेशान या घेरने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों का गांव के आसपास कुछ समय तक मूवमेंट होना सामान्य है और अक्सर वे खुद ही वापस जंगल की ओर चले जाते हैं। फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

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