लोकायुक्त इंदौर संभाग की टीम ने झाबुआ में कार्रवाई करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 पवन सिंह बिलवाल को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के नेतृत्व में की गई।
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शिकायतकर्ता धूम सिंह, जो शासकीय बालक छात्रावास सेमलिया बड़ी-झाबुआ में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी निलंबन अवधि के आठ माह के करीब 2,30,000 रुपये के बकाया वेतन के बिल पास करने के एवज में विकास खंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी द्वारा 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। लोकायुक्त संभाग इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर मामला सही पाया गया, जिसके बाद आज आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर ट्रैप आयोजित किया गया। कार्रवाई के दौरान विकास खंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी ने अपने कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पवन सिंह बिलवाल के माध्यम से रिश्वत की राशि दिलवाई, जिसे लोकायुक्त दल ने रंगे हाथों दबोच लिया।