जिस बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं, उसी घर में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव की रहने वाली कैप्टन शांभवी पाठक की महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में मौत से पूरा इलाका गहरे सदमे में है। बुधवार को उनके घर के पर्दे खींचे हुए थे और रिश्तेदार व पड़ोसी खामोशी से आ-जा रहे थे।
करीब 25 वर्षीय शांभवी पाठक वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट-45 विमान में फर्स्ट ऑफिसर थीं। यह विमान मुंबई से उड़ान भरने के बाद तय समय से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें विमान में सवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे।
घर पर सबसे ज्यादा टूट चुकी हैं शांभवी की मां, जो एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं। बताया जा रहा है कि परिवार शांभवी की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। उनके पिता, जो सेना से सेवानिवृत्त पायलट हैं, हादसे की खबर मिलते ही पुणे रवाना हो गए। वहीं, उनका छोटा भाई नौसेना में कार्यरत है।
पड़ोस में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली शिल्पी भावुक होकर कहती हैं 'वह बेहद सुलझी हुई, मीठी और शांत स्वभाव की लड़की थी। कुछ समय पहले ही वह मेरे पार्लर आई थी। उनकी मां शादी के लिए रिश्ते देख रही थीं। आज यकीन नहीं होता कि वह हमारे बीच नहीं रही।' इलाके के सुरक्षा गार्ड जितेंद्र, जो पिछले 40 वर्षों से यहां काम कर रहे हैं, बताते हैं 'शांभवी जब भी दिखती थीं, हमेशा नमस्ते करती थीं। उनका परिवार बेहद विनम्र था और समाज में सबका सम्मान करता था।'