नागपंचमी के अवसर पर लखनऊ में बच्चों ने कपड़े की गुड़िया पीटी। इस परंपरा की कहानी एक भाई-बहन के प्यार और न्याय से जुड़ी है। एक लड़की द्वारा अनजाने में सांप की हत्या करने पर प्रायश्चित के रूप में कपड़े की गुड़िया बनाकर उसे पीटा गया तभी से यह चलन शुरू हो गया ताकि लोगों को सांपों की रक्षा का महत्व याद रहे। नागपंचमी के पर्व पर नागों की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है।