भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने और प्रदेश को ‘पुलिसिया निगरानी राज्य’ में बदलने का आरोप लगाया है। पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि पुलिस और एलआईयू की ओर से वामपंथी और किसान नेताओं का निजी डेटा कथित तौर पर जुटाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि थानों और सोशल मीडिया के माध्यम से आधार, पैन, बैंक खाते, संपत्ति विवाद और परिजनों से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। सुधाकर यादव ने इसे निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताते हुए राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कथित निगरानी और उत्पीड़न तत्काल रोकने की मांग की। पार्टी ने घोषणा की कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर 27 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।