उत्तर प्रदेश के नियोजन विभाग के अर्थ एवं सांख्यिकी प्रभाग में कार्यरत रहे करीब 700 आउटसोर्सिंग सर्वेयर और सुपरवाइजरों के सामने सेवाएं समाप्त होने के बाद रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने ASUSE और PLFS जैसे महत्वपूर्ण सर्वेक्षण कार्यों में अपनी सेवाएं दी थीं। सेवाएं समाप्त होने से कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे पूर्व से कार्यरत और अनुभवी हैं, इसलिए उनकी सेवाएं दोबारा बहाल की जाएं। मांग को लेकर प्रभावित कर्मचारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई है। कर्मचारियों का धरना पिछले 10 दिनों से इको गार्डन में जारी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनकी स्थिति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सेवाएं बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से धरना देने के बावजूद अभी तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।