लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब, ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ यहां के पारंपरिक स्वाद से भी है। चारबाग स्टेशन के आसपास कभी रेवड़ी की मिठास और इसकी खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचती थी। लेकिन, बदलते दौर में लखनऊ का यह पारंपरिक कारोबार अब सिमटता जा रहा है। सरकार के प्रोत्साहन के बावजूद आखिर क्यों बंद हो रहा है रेवड़ी का कारोबार और क्या है कारीगरों की परेशानी?