झांसी। आरपीएफ ग्राउंड में शुक्रवार को 19वीं अखिल भारतीय रेलवे सुरक्षा बल श्वान प्रतियोगिता का रंगारंग शुभारंभ हुआ। रेलवे के 17 जोन से आए आरपीएफ के 73 प्रशिक्षित श्वान अपने हैंडलरों के साथ मैदान में उतरे। श्वानों ने मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी और गुलदस्ते भेंट कर सभी का स्वागत किया। उनके हैरतअंगेज करतब देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत ट्रैकर सुल्तान ने वेलकम रिंग के जरिए अतिथियों का स्वागत करके की। शैडो और ड्यूक ने गुब्बारे फोड़कर प्रतियोगिता का आगाज किया। ईस्ट कोस्ट रेलवे से आए हीरो ने मुख्य अतिथि डीआरएम अनिरुद्ध कुमार को गुलदस्ता भेंट कर सलामी दी। वहीं, आंध्र प्रदेश से आए लैब्राडोर रैमो ने महिला अधिकारियों को बुके भेंट किया और उनसे हाथ मिलाकर सलामी दी। इस दौरान स्निफर डॉग ने बाइक की सवारी कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी। श्वान बोल्ट ने आग की लपटों के बीच से छलांग लगाकर सभी को हैरान कर दिया। डॉग स्क्वायड ने छिपी हुई वस्तुओं को खोजने (फाइंड हिडन) और बम की पहचान करने की अपनी क्षमता का भी प्रदर्शन किया। श्वानों के एक से बढ़कर एक करतब देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनकी हौसलाअफजाई की। प्रतियोगिता में ट्रैकर, एक्सप्लोसिव और नारकोटिक्स डिटेक्टर श्रेणी के श्वानों ने अपने-अपने जोन का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ हैंडलर भी परेड में शामिल हुए। झांसी पुलिस, बीएसएफ समेत अन्य इकाइयों की टीमें भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। इस मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक नंदीश शुक्ला, रश्मि गौतम, डॉ. कुलदीप स्वरूप मिश्रा, गिरीश कंचन और आरपीएफ कमांडेंट जितेंद्र शर्मा समेत कई वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे। बेल्जियन, जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर और डाबरमैन नस्ल के श्वान शामिल प्रतियोगिता में बेल्जियन, जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर और डाबरमैन नस्ल के श्वान हिस्सा ले रहे हैं। इन्हें करीब एक साल के गहन प्रशिक्षण के बाद आरपीएफ में शामिल किया जाता है। श्वानों के साथ उनके हैंडलरों को भी प्रशिक्षित किया जाता है। ड्यूटी के दौरान दोनों की तैनाती साथ रहती है और श्वानों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी हैंडलरों पर होती है। देखने में खौफनाक लगने वाले ये श्वान अपने हैंडलर के इशारे पर मुस्तैदी से काम करते हैं।