बांदीपोरा के कोनन में बुधवार को कश्मीरी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बज्मी शाबान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में कश्मीरी सूफी कवियों, स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान सूफी कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं और कश्मीरी भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बांदीपोरा के कवियों द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। वक्ताओं ने कश्मीरी सूफी साहित्य को क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार की अपील की।