अमेरिका के प्रमुख अखबारों ने नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को बदलते वैश्विक हालात की झलक के तौर पर देखा है। ये हालात तनावपूर्ण गठबंधनों, क्षेत्रीय युद्धों और वॉशिंगटन व बीजिंग के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से तय हो रहे हैं। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने एक खबर में कहा कि इस शिखर सम्मेलन में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग में से कौन विकासशील दुनिया की अधिक प्रभावशाली आवाज बनकर उभरेगा। चीन, ब्रिक्स को अमेरिकी ताकत को चुनौती देने के एक प्लेटफॉर्म के तौर पर देखता है। वहीं, भारत चाहता है कि यह ग्रुप इतना बड़ा और खुला रहे कि देशों को अलग-अलग गुटों में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर न होना पड़े।