मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई कथित गोलीबारी की घटना के बाद बॉलीवुड और फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया है। पोस्ट में गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया है, जिसने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट के अनुसार, इस घटना को अनिल पंडित और अरमान संधू ने मिलकर अंजाम दिलवाया। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है। घटना को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, गोलीबारी रविवार शाम मुंबई में हुई। इस दौरान टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बताए गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक रिक्शा चालक के घायल होने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे पोस्ट में कथित तौर पर कहा गया है कि टाइगर श्रॉफ को पहले फोन करके चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने उस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा करते हुए आगे फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों को धमकी दी गई है, जो कथित तौर पर गैंग की बात नहीं मानेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे। संदेश में चेतावनी दी गई है कि अगला निशाना कोई और हो सकता है। इस कथित धमकी के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है, क्योंकि इसमें फिल्म इंडस्ट्री के अन्य लोगों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
घटना से जुड़ी पोस्ट में दूसरे आपराधिक समूहों को भी धमकी दिए जाने का दावा किया गया है। संदेश में कथित तौर पर कहा गया है कि जो लोग गैंग के नाम का इस्तेमाल करके लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह पोस्ट में टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने के दावे के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री और दूसरे समूहों को भी धमकी दी गई है। हालांकि, इन बयानों की सत्यता और उनके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकती है।
इस मामले में मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की है और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर जुहू इलाके में गोलीबारी हुई थी। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों की प्रामाणिकता और कथित गैंग कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
ऐसे में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों को जांच से साबित तथ्यों के रूप में न देखा जाए। मामले की आगे की जानकारी पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।