राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयदशमी के उपलक्ष्य में चौकी मन्यार खंड में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें छोटे-बड़े करीब 25 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संघ के जिला प्रचारक टीकम विशेष रूप से उपस्थित रहे। पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन के प्रति समर्पण और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला प्रचारक टीकम ने कहा कि विजयदशमी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए विशेष महत्व रखती है। इसी दिन संघ का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। संघ की परंपरा के अनुसार विजयदशमी पर स्वयंसेवक एकत्रित होकर संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराते हैं। उन्होंने बताया कि पहले जिले में विजयदशमी के उपलक्ष्य में जिला स्तर पर एक ही कार्यक्रम आयोजित किया जाता था, लेकिन अब 12 स्थानों पर कार्यक्रम हो रहे हैं। सभी आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित करनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक संघ के विचारों और सामाजिक कार्यों का संदेश पहुंचाना है। जिला प्रचारक ने अपने संबोधन में पंच परिवर्तन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण और व्यवहार के माध्यम से इन मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के साथ समाज में एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करना रहा।