उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए सोलन में स्थायी कंज्यूमर कोर्ट की मांग उठने लगी है। जिला बार एसोसिएशन सोलन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को अभ्यावेदन भेजकर जिले में स्थायी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग स्थापित करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि वर्तमान में महीने में केवल तीन दिन लगने वाली कैंप कोर्ट व्यवस्था जिले की जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केएस कटोच और महासचिव नीतीश ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को डाक के माध्यम से अभ्यावेदन भेजा गया है। इसकी प्रतियां स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल और सोलन जिले के विधायकों संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, राम कुमार चौधरी तथा हरदीप सिंह बावा को भी भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर इस मांग पर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह करेगा। बार एसोसिएशन का कहना है कि सोलन प्रदेश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। जिले में बड़ी संख्या में औद्योगिक प्रतिष्ठान और निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा सोलन प्रदेश के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में यहां के उपभोक्ताओं को विवादों के निपटारे के लिए नियमित और सुलभ न्यायिक व्यवस्था मिलना जरूरी है। एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में सोलन का उपभोक्ता आयोग ऊना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसमें ऊना और सिरमौर जिले भी शामिल हैं। सोलन में महीने में केवल तीन दिन कैंप कोर्ट लगने से उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में देरी होती है। इसका खामियाजा आम नागरिकों, वादियों और अधिवक्ताओं को भुगतना पड़ता है। बार एसोसिएशन ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ताओं को प्रभावी और समयबद्ध न्याय उपलब्ध करवाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि सोलन में स्थायी जिला उपभोक्ता आयोग स्थापित होने से नियमित रूप से सुनवाई हो सकेगी और मामलों के निपटारे में होने वाली देरी कम होगी। अभ्यावेदन में कहा गया है कि स्थायी आयोग स्थापित होने से सोलन जिले के लोगों को उपभोक्ता विवादों के लिए दूसरे जिलों की यात्रा करने और उससे जुड़े अतिरिक्त खर्च व प्रक्रियागत परेशानियों से राहत मिलेगी। इससे शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा करने में भी मदद मिलेगी। बार एसोसिएशन ने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार कर जल्द आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। एसोसिएशन का मानना है कि स्थायी उपभोक्ता आयोग से आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा और जिले के व्यापारिक एवं औद्योगिक माहौल में भी विश्वास बना रहेगा।