सिरमौर जिले के मात्तर गांव में एक गाय की रेबीज के लक्षणों के बाद मौत होने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस वर्ष फरवरी महीने में इस गाय को एक रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काटा था। इसके बाद मार्च में गांव में आयोजित एक समारोह में इसी गाय के दूध से तैयार शर्बत का लोगों ने सेवन किया था। करीब एक सप्ताह पहले गाय में रेबीज जैसे लक्षण दिखाई देने लगे और 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई। गाय की मौत के बाद ग्रामीणों में संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से एहतियातन टीकाकरण की मांग की। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एहतियाती कदम उठाते हुए पीएचसी शंभूवाला में 150 लोगों को प्री एक्सपोजर रेबीज वैक्सीन लगाई। सुबह से ही वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पीएचसी में दिनभर लोगों की कतारें लगी रहीं। कुछ लोग वैक्सीन से वंचित रह गए, जिन्हें आगामी दिनों में टीका लगाया जाएगा। वैक्सीन लगवाने पहुंचे पूर्णानंद और अमरनाथ ने बताया कि पिछले दिनों गांव में एक गाय बीमार हुई थी। बाद में उसमें रेबीज जैसे लक्षण दिखाई दिए और 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई। उधर, जिला टीकाकरण अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मात्तर भेड़ों गांव का दौरा किया। टीम ने ग्रामीणों को रेबीज के फैलने के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी।