शहर के नौणी का बाग में लावारिस कुत्तों के नसबंदी केंद्र के निर्माण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों के विरोध के बीच विधायक अजय सोलंकी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। टीम ने पहले नौणी का बाग में प्रस्तावित केंद्र की जगह देखी और इसके बाद शक्तिनगर दोसड़का के समीप गोशाला के पास वैकल्पिक जमीन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान, नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान और पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुत्तों के नसबंदी केंद्र के लिए साफ-सुथरी जगह होना जरूरी है। शक्तिनगर दोसड़का के समीप गोशाला के पास जिस जमीन को देखा गया, वहां शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कचरा पहुंचता है। ऐसे में अधिकारियों ने इस स्थान को केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त नहीं माना। प्रशासनिक टीम ने नौणी का बाग में प्रस्तावित केंद्र के आसपास रहने वाले लोगों से भी बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि नसबंदी के लिए लाए जाने वाले लावारिस कुत्तों को केंद्र में केवल तीन से पांच दिन तक रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया होगा। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से निर्माण कार्य में सहयोग करने की अपील की। हालांकि, लोगों ने अपनी आपत्तियां दोहराते हुए स्पष्ट किया कि वे अपने घरों के आसपास नसबंदी केंद्र नहीं बनने देना चाहते। नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान ने बताया कि विधायक अजय सोलंकी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने नौणी का बाग और गोशाला के पास जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग ने गोशाला के समीप जमीन पर स्वच्छता संबंधी दिक्कतें बताई हैं, जबकि विभागीय टीम ने नौणी का बाग के प्रस्तावित स्थल को केंद्र के लिए उपयुक्त माना है। उपमा धीमान के अनुसार, नगर परिषद ने आसपास के क्षेत्रों में अपनी अन्य जमीनों का भी जायजा लिया है, ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए उनका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि दूसरी उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नौणी का बाग में केंद्र बनाने की योजना है। नगर परिषद स्थानीय लोगों की सुविधाओं का ध्यान रख रही है और उनसे सहयोग की अपील कर रही है। प्रशासनिक टीम के दौरे के बावजूद नसबंदी केंद्र की जगह को लेकर विवाद बना हुआ है। एक ओर प्रशासन और नगर परिषद प्रस्तावित स्थल को उपयुक्त बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग वहां केंद्र बनाने का विरोध कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है।