मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। रविवार को नाहन के दिल्लीगेट पर सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। सीपीआईएम ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताते हुए इसे आम मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए। सीपीआईएम के जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं तो इससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राजेंद्र ठाकुर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और विकेंद्रीकरण से जुड़े सवाल सामने आ रहे हैं। हालांकि, ये आरोप सीपीआईएम की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग आधिकारिक तौर पर एसआईआर को मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया बताता है और उसका घोषित उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। सीपीआईएम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी आपत्तियां सामने आई हैं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि उसकी ओर से यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। सीपीआईएम ने कहा कि नाहन में हुआ प्रदर्शन आंदोलन का अंतिम चरण नहीं है। पार्टी के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र की अन्य पंचायतों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों के जरिए एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सितंबर के अंत में शिमला में भी सीपीआईएम ने एसआईआर रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। वहीं, निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को देशभर में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तौर पर आगे बढ़ाया है। आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर एसआईआर-2026 के तहत मतदाता अपना नाम खोजने और संबंधित फॉर्म जमा करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं।