रामपुर परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को निरमंड में उपमंडलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में परियोजना प्रभावित गड़ेच, बाहवा, बाड़ी, कशोली, पोषना, ब्रो, जगातखाना, तुनन, बक्खन, खरगा और कुशवा पंचायतों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। इस दौरान उपमंडलाधिकारी निरमंड के माध्यम से ऊर्जा निदेशक शिमला को मांग पत्र भी भेजा गया। प्रदर्शन को हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा, राज्य सचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, महासचिव प्रेम चौहान, पूर्ण ठाकुर, सुभाष, दयाल भाटनू और कुलदीप ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 412 मेगावाट परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में पूरा हो गया था और इसके बाद बिजली उत्पादन शुरू हो गया था। परियोजना से प्रभावित परिवारों को कुल बिजली उत्पादन का एक प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में प्रतिवर्ष दिया जाना था, लेकिन अभी तक वर्ष 2019-20 तक की ही रॉयल्टी का भुगतान किया गया है। शेष राशि अब तक प्रभावित परिवारों को नहीं मिली है। प्रदर्शन में कुलदीप, परस राम, दुर्गा नंद, प्रताप, डोल्मा देवी, कृष्णा, शिवानी, फूला देवी, पूर्वा, रीता, हीरा सिंह, मान सिंह, फकीर चंद, दाता राम, जवाहर लाल, जगदीश, पुष्पा देवी, आशीष, बलदेव, संतोष, श्याम मुरारी, पेगा राम और वेद जोशी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।