जोगिंद्रनगर से केंद्रीय आयुष विभाग के उत्तर भारत के सुगमता केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने के विरोध में चल रहा आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। रामलीला मैदान में 20 अगस्त से जारी क्रमिक अनशन के पांचवें दिन जिला परिषद सदस्य शिवानी, पूर्व जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया, नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष प्रेरणा ज्योति और खेल प्रशिक्षक रीता समेत नारी शक्ति ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी। केंद्र के स्थानांतरण के विरोध में बैजनाथ, मंडी और हरियाणा के किसानों ने भी संघर्ष समिति को समर्थन दिया। स्थानीय व्यापार मंडल, रोटरी क्लब और हिम आंचल पेंशनर महासंघ ने भी केंद्र सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई। सोमवार को माकपा नेता कुशाल भारद्वाज और संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरु शरण परमार ने कहा कि जोगिंद्रनगर में संचालित आरसीएफसी केंद्र बीते नौ वर्षों में सात राज्यों के करीब 10 हजार किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत कर चुका है। हिमाचल के किसानों को भी इस संस्थान से लाभ मिला है। ऐसे में केंद्र को जोगिंद्रनगर से सोलन स्थानांतरित करने का निर्णय क्षेत्र के हित में नहीं है। आंदोलन में शामिल कर्नल रूप सिंह ने कहा कि आयुष विभाग के इस संस्थान को किसी भी सूरत में जोगिंद्रनगर से स्थानांतरित नहीं होने दिया जाएगा। रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया, व्यापार मंडल के पूर्व महासचिव रूपेश सैन, अंजना ठाकुर, पूजा ठाकुर, रमन बहल और प्रदीप शर्मा ने भी केंद्र सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।