हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई की ओर से शुरू की गई भूख हड़ताल मंगलवार को छठे दिन भी जारी रही। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार से विद्यार्थियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई। एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यार्थियों की मांगों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन ने विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति, सेल्फ फाइनेंस व्यवस्था से बाहर निकालकर पर्याप्त सरकारी वित्तीय सहयोग देने, विद्यार्थियों पर फीस के अतिरिक्त बोझ को कम करने, हॉस्टल सुविधा उपलब्ध करवाने और कैंटीन शुरू करने सहित कई मांगें उठाई हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष भवानी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से स्थायी कुलपति का पद रिक्त है। उनके अनुसार करीब दो वर्ष का समय बीतने के बावजूद सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि स्थायी कुलपति नहीं होने से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। एबीवीपी ने सरकार से इस पद पर जल्द स्थायी नियुक्ति करने की मांग की है। फीस के बदले सुविधाएं देने की मांग भवानी सिंह ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से भारी फीस वसूली जा रही है, लेकिन इसके अनुरूप उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम किया जाना चाहिए और विश्वविद्यालय को सेल्फ फाइनेंस व्यवस्था से बाहर निकालकर सरकार को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए। संगठन ने विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल और कैंटीन की सुविधा शुरू करने की मांग भी उठाई है। एबीवीपी का कहना है कि विद्यार्थियों की मूलभूत जरूरतों से जुड़े इन मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। भवानी सिंह ने कहा कि एबीवीपी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने दोहराया कि जब तक मांगों पर सकारात्मक और उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।