हिमाचल प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य चयन आयोग की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में करवाने की मांग उठाई है। इस संबंध में अभ्यर्थियों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर परीक्षा प्रणाली में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया। उपायुक्त ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेज दिया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब एक ही परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाती है, तो प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर होने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में अंकों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया का असर अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों और योग्यता सूची में उनकी स्थिति पर पड़ सकता है। उनका मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलने को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने मांग की कि राज्य चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित प्रणाली या ओएमआर उत्तर पत्रक के माध्यम से एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएं। अभ्यर्थियों के अनुसार, यदि अलग-अलग शिफ्ट में प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में समानता सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है, तो सभी उम्मीदवारों की परीक्षा एक ही पाली में करवाना उचित विकल्प हो सकता है। इससे अंकों के सामान्यीकरण को लेकर उठने वाले सवालों और संभावित विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि उनकी मांग पर विचार कर उचित निर्णय लिया जा सके। इस मौके पर अभिषेक, छिंदु, मगन, इंद्र और विक्की सहित अन्य अभ्यर्थी मौजूद रहे।