पुलिस दोस्त कार्यक्रम के तहत महिला थाना चंबा में छात्राओं ने कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी लेकर बेखौफ होकर शिकायत दर्ज कराने का संकल्प लिया। पुलिस से बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह आपके और आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। जब भी ऐसा लगे कि पुलिस की सहायता की जरूरत है, तो बिना डर व झिझक के पुलिस को अपना दोस्त मानकर अपनी बात कह सकती हैं। तत्काल आपको सहायता दी जाएगी। यह अपील एसएचओ अनिल वालियां, मुख्य आरक्षी रजनी ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से वीरवार को महिला पुलिस थाने में दोस्त पुलिस अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में की। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने परिसर में पहुंचीं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंबा की 50 प्रशिक्षुओं की जिज्ञासाओं को शांत किया। थाना प्रभारी अनिल वालिया और मुख्य आरक्षी ने महिला हिंसा से संबंधित अपराधों की जानकारी दी। रजनी ने बताया कि मौजूदा समय में पुलिस की तरफ से टोल फ्री नंबर 1091 और 100 जारी किया गया है, जिस पर छात्राएं किसी भी आपातकालीन समस्या के संबंध में फोन कर सकती हैं। उनके फोन के बाद कंट्रोलरूम से मिली सूचना पर तत्काल पुलिस आपकी सहायता के लिए मौके पर पहुंचेगी। इसमें किसी तरह के डर और दवाब में आने की जरूरत नहीं है। बेखौफ होकर अपनी बात पुलिस से बता सकती हैं और एफआईआर दर्ज करवा सकती हैं। इस अवसर पर पुलिस विभाग से मुख्य आरक्षी भाग सिंह, पुलिस महिला आरक्षी कुकु, कीर्ति, निशा, रबीना, आरक्षी भारती, अनिशा और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंबा की अनुदेशक प्रियंका शर्मा और अप्रेंटिसी कोंपल सोनी मौजूद रही। महिला थाना में की आरक्षी निशा, रबीना, मुंशी दर्शन ने बताया कि वह यहां सीधे आकर काउंटर पर शिकायत दर्ज करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके दर्ज होते ही जांच शुरू होने के साथ ही मामला दर्ज किया जाता है। इसके लिए उन्हें अपने साथ किसी को लाने की भी जरूरत नहीं है। अपने अधिकारों को जानने की जरूरत है। प्रशिक्षुओं ने एक स्वर में अमर उजाला की इस पहल का स्वागत किया है।