अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान रेहड़ी-फड़ी, फेरी और अस्थायी रूप से सामान बेचने वाले व्यापारियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में व्यापारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए घेराव किया। व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद और प्रशासन की टीमें लगातार उनका सामान जब्त कर रही हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल सीमा देवी, निलमा देवी और शकुंतला देवी सहित अन्य व्यापारियों ने कहा कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से मिंजर मेले में कारोबार करने पहुंचे हैं। उनका कहना है कि मेले के दौरान होने वाली कमाई से ही उनके परिवार का गुजारा चलता है, लेकिन बार-बार सामान जब्त किए जाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि उन्हें मेले में एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जहां वे बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय कर सकें। उनका कहना है कि यदि प्रशासन व्यवस्थित तरीके से जगह आवंटित कर दे तो किसी तरह की अव्यवस्था भी नहीं होगी और उन्हें भी रोजगार का अवसर मिल सकेगा। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और अस्थायी व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बार-बार सामान जब्त करने की कार्रवाई रोकने की अपील की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई से छोटे व्यापारियों का रोजगार प्रभावित हो रहा है और कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारी व्यापारियों को आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा और नियमों के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाएगी।