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Bilaspur News: सीड बॉल तकनीक से बढ़ेगी हरियाली, बंदला धार से शुरू होगा वन विभाग का नया अभियान

Ankesh Dogra Updated Thu, 09 Jul 2026 12:24 PM IST

बिलासपुर जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के उद्देश्य से वन विभाग पहली बार सीड बॉल तकनीक के जरिए पौधरोपण अभियान शुरू करने जा रहा है। इस नवाचार की शुरुआत अगले सप्ताह बंदला धार क्षेत्र से होगी। विभाग का लक्ष्य पहले चरण में 5,000 सीड बॉल तैयार कर उन्हें चयनित वन क्षेत्रों में फैलाना है। सीड बॉल तकनीक में पेड़ों के बीजों को उपजाऊ मिट्टी, गोबर की खाद और अन्य प्राकृतिक तत्वों के मिश्रण से बनी छोटी गोलियों में सुरक्षित रखा जाता है। इन्हें सूखने के बाद वन क्षेत्रों में बिखेर दिया जाता है। मानसून के दौरान पर्याप्त नमी मिलने पर बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं। इस प्रक्रिया में गड्ढे खोदने, पौधे लगाने या नियमित सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, जिससे दुर्गम और पथरीले क्षेत्रों में भी पौधरोपण आसान हो जाता है। वन विभाग के अनुसार पहले चरण में अमलतास और नीम के बीजों से सीड बॉल तैयार की जाएंगी। इन प्रजातियों का चयन उनकी पर्यावरणीय उपयोगिता, स्थानीय जलवायु के अनुकूलता और जैव विविधता को बढ़ावा देने की क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है। अभियान की शुरुआत बंदला धार से होगी। इसके बाद कोटधार और ब्रह्मपुखर के आसपास के वन क्षेत्रों में भी इस तकनीक का विस्तार किया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि मानसून के दौरान पर्याप्त वर्षा होने पर बड़ी संख्या में बीज अंकुरित होंगे और आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों का हरित आवरण बढ़ेगा। वन विभाग का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में जिले के अन्य वन क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर सीड बॉल तकनीक से पौधरोपण किया जाएगा। इससे कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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