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बिलासपुर: त्रिलोक जमवाल बोले- मल्ली की गिरफ्तारी से खुलेंगी नशा तस्करी और गोलीकांड की परतें

चिट्टा तस्करी के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई के बीच सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने वर्ष 2024 में हुए चर्चित गोलीकांड को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गिरफ्तार किए गए मलकियत सिंह उर्फ मल्ली की गिरफ्तारी से नशा तस्करी के साथ-साथ गोलीकांड से जुड़े कई राज भी सामने आ सकते हैं। वीरवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में विधायक त्रिलोक जमवाल ने बिलासपुर पुलिस की नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिट्टा जैसे जानलेवा नशे की चपेट में बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं। बिलासपुर भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के चलते नशे के बड़े सौदागरों तक पहुंच बनाई जा रही है। विधायक ने बताया कि 21 अगस्त को फोरलेन पर दो युवकों को चिट्टे के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस जांच आगे बढ़ी और मामले की कई परतें सामने आईं। इसी जांच के क्रम में हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित गरामोड़ निवासी मलकियत सिंह उर्फ मल्ली को रोपड़ से गिरफ्तार किया गया। विधायक के अनुसार पुलिस ने मल्ली को बिलासपुर और मंडी में चिट्टे की आपूर्ति से जुड़ा मुख्य सप्लायर बताया है। उन्होंने कहा कि मल्ली के खिलाफ एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट समेत करीब 10 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। त्रिलोक जमवाल ने वर्ष 2024 में बिलासपुर में हुए गोलीकांड का जिक्र करते हुए दावा किया कि डीसी-एसपी कार्यालय और कोर्ट कांप्लेक्स के पास दिनदहाड़े हुई वारदात के लिए बाहर से शूटर बुलाया गया था। विधायक ने आरोप लगाया कि शूटर को बिलासपुर लाने वाला व्यक्ति मलकियत सिंह उर्फ मल्ली था। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और निष्पक्ष जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। हालांकि, गोलीकांड से जुड़े इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और सक्षम कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। भाजपा विधायक ने गोलीकांड मामले को लेकर सदर से कांग्रेस के पूर्व विधायक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि गोलीकांड से जुड़े आरोपी पूर्व विधायक के आवास पर रुके थे और इसी मामले में उनके बेटे की गिरफ्तारी भी हुई थी। विधायक के अनुसार उनका बेटा करीब दो महीने जेल में रहा था। त्रिलोक जमवाल ने यह भी दावा किया कि मल्ली बिलासपुर में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट में काम कर रहा है। उन्होंने पूर्व विधायक से सवाल किया कि उसे रेलवे प्रोजेक्ट में किसके कहने पर काम मिला था। विधायक ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, क्योंकि चिट्टा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सप्लायरों तक पहुंचना नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर और सदर मंडल उपाध्यक्ष सुभाष ठाकुर भी मौजूद रहे।

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