यमुनानगर। धान के उठान में देरी को लेकर किसानों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। किसानों ने जगाधरी मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान मार्केट कमेटी अध्यक्ष समेत कई अधिकारी कार्यालय के अंदर ही बंद हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम विश्वनाथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर ताला खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि किसान धान के उठान में तेजी लाने की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि मंडी में हजारों कट्टे धान खुले में पड़े हैं। उठान नहीं होने के कारण मंडी में जगह की कमी हो रही है। आने वाले दिनों में किसानों की नई फसल मंडी में पहुंचने लगेगी। ऐसे में यदि समय रहते धान का उठान नहीं हुआ तो नई फसल रखने में परेशानी होगी। वहीं बारिश का मौसम शुरू होने के कारण खुले में पड़ा धान भीगने से खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। आज 30, अगले दिन 40 गाड़ियां लगाने का आश्वासन भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू ने बताया कि मंडी में कई हजार कट्टे धान उठान के इंतजार में पड़े हैं। प्रशासन ने गुरुवार को 30 गाड़ियां लगाकर उठान कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रफ्तार से उठान होने पर मंडी में जमा धान को हटाने में काफी समय लगेगा। इसी दौरान नई फसल पहुंचने से समस्या और बढ़ जाएगी। एसडीएम विश्वनाथ ने किसानों को बताया कि संबंधित एजेंसी से बातचीत की गई है। गुरुवार को धान उठान के लिए 30 गाड़ियां लगाई गई हैं। अगले दिन इनकी संख्या बढ़ाकर 40 कर दी जाएगी, ताकि उठान की रफ्तार बढ़ाई जा सके। हालांकि किसान 30 या 40 नहीं, बल्कि सीधे 60 गाड़ियां लगाने की मांग पर अड़े रहे। नमी जांचने वाली मशीनों पर भी उठाए सवाल किसानों ने मंडी में धान की नमी जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आढ़तियों और मार्केट कमेटी की नमी जांचने वाली मशीनों में अंतर आ रहा है। एक ही धान की दोनों मशीनों पर नमी की अलग-अलग रीडिंग मिल रही है। किसानों ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान कराने की मांग की। किसानों ने कहा कि उठान की समस्या केवल जगाधरी मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की कई मंडियों में ऐसी स्थिति बनी हुई है। जब तक उठान की रफ्तार नहीं बढ़ाई जाती, उनका धरना जारी रहेगा। मौके पर पुलिस प्रशासन के साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी किसानों को समझाने में जुटे रहे।