दादूपुर-नलवी नहर संघर्ष समिति ने दादूपुर-नलवी नहर काे डी-नोटिफाई करने के आदेशों को वापस लेकर नहर को फिर से शुरू करने की मांग की है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि जब से नहर को कहीं-कहीं बंद किया गया है तब से पानी ऑवरफ्लो होकर खेतों आ रहा है। गांव सुढल, सुढैल, गूगलो, खेड़ा, भंभौली, कैल, रूलहाहेड़ी में करीब 1200 एकड़ में फसल पानी में डूब कर खराब हो चुकी है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने खराब हुई फसल का मुआवजा देने और नहर को फिर से शुरू करने की मांग की है। अनाज मंडी जगाधरी में आयोजित प्रेस कांफ्रेस के दौरान दादूपुर-नलवी संघर्ष समिति यमुनानगर के अध्यक्ष कश्मीर सिंह ढिल्लों व अर्जुन सुढैल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को डी-नोटिफाई करना किसानों के लिए लगातार मुसीबत बनता जा रहा है।हाल ही में हुई बारिश ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। नलवी नहर का पानी खेतों में भर गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। इस आपदा से प्रभावित किसानों में गहरा रोष है। दादूपुर-नलवी नहर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाया जाए। जिन किसानों ने पैसे वापस देकर दादूपुर नलवी नहर को बंद करके उस पर खेती करनी शुरू कर दी है उसके चलते जो पिछले किसान है उनकी फसलों और गांव को पानी से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने साफ तौर पर कहा कि वे सरकार के साथ हैं, लेकिन सरकार को भी किसानों की तकलीफों को समझते हुए इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि बारिश का मौसम और तेज हुआ, तो खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह तबाह हो जाएगी। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई जोरों से चल रही है। आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में यदि नलवी नहर का पानी नियंत्रित न किया गया तो फसलें डूब जाएंगी और किसान पूरी तरह से कर्ज में डूब जाएंगे।