यमुनानगर। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की ओर से जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता एवं सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले फूंके। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से चुनावों में धांधली कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाती रही है। उनके अनुसार बड़े स्तर पर सही मतदाताओं के नाम एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी कथित वोट चोरी को लेकर डेमो प्रस्तुत कर चुके हैं। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का चुनाव आयुक्त को जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही जिन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी उठाई। जगाधरी से कांग्रेस विधायक अकरम खान ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। चुनाव आयोग को विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मतदाताओं की आवाज उठाने के लिए है। मतदाता सूची में नाम काटने और जोड़ने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों और जनता की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। शहरी जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस जनता के बीच यह मुद्दा लगातार उठाती रहेगी। हमारी मांग है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया जाए। पूर्व प्रत्याशी रमन त्यागी ने कहा कि मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है तो इसकी प्रक्रिया और कारण सार्वजनिक होने चाहिए। चुनाव आयोग को पारदर्शिता के साथ शिकायतों का निपटारा करना चाहिए, ताकि लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे।