सोनीपत। अनाज मंडी में 10 दिन से पीआर धान की खरीद शुरू नहीं होने पर शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। किसानों के विरोध के बाद मंडी प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की। इसके बाद मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू कर दी गई। पहले दिन हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (हैफेड) ने 1500 क्विंटल धान खरीदा। करीब 500 क्विंटल धान में नमी ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। किसानों का कहना था कि वह 11 दिन से अपनी धान की फसल लेकर मंडी में खड़े हैं, लेकिन खरीद नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ आढ़तियों पर धान उतारने से भी मना करने का आरोप लगाया गया। किसानों के अनुसार, आढ़ती मंडी में जगह नहीं होने की बात कहकर धान उतारने से इनकार कर रहे थे। ऐसे में किसानों के सामने फसल रखने और उसे बेचने का संकट खड़ा हो गया था। किसानों ने कहा कि ट्रालियां कई दिनों से मंडी में खड़ी हैं। समय पर खरीद नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। विरोध की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। धरने के बाद खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिली। मतदाता सूची के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए 10 दिन तक मंडी में इंतजार करना पड़ा, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दिल्ली में काॅकरोच जनता पाटी (सीजेपी) के प्रदर्शन और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार और चुनाव आयोग को जनता की शंकाओं का जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछना जनता का अधिकार है। - हैफेड का मिलर्स से अनुबंध होने के बाद पीआर धान की खरीद शुरू हो गई है। अब किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़गा। शनिवार को सीजन में पहली बाद मंडी में 1500 क्विंटल पीआर धान की सरकारी खरीद हुई है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से अपील है कि वह अपनी पीआर धान की फसल सुखाकर मंडी में लेकर पहुंचे। जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी