नगर निगम कार्यालय में 47 दिन से धरने पर बैठे संविदा सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मेयर व अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच दिन से मांग मनवाने के लिए मुकेश टांक व मुकेश कर्मा बेमियादी अनशन कर रहे हैं। मांग की सुनवाई न होने विरोध में कर्मियों ने अपना सफाई कार्य बंद कर दिया। उन्होंने काम से हटाए गए आठ कर्मियों को वापस लेने की मांग की। ठेका सफाई कर्मचारी एकता मंच के प्रधान मुकेश टांक ने बताया कि अनशन कर रहे संविदा कर्मियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। शासन व प्रशासन की ओर से उनकी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि संविदा सफाई कर्मियों को परेशान किया जा रहा है। ठेकेदार की ओर से उन्हें 15-15 दिन का वेतन किया जा रहा है। इस तरह नाजायज कटौती करते हुए उन्हें आंदोलन के लिए विवश किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनशन के दौरान अगर उन्हें कठिनाई आती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। अनशन पर बैठे प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुकेश कर्मा ने बताया कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं की तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह शहर में चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान सावन, प्रवीण, रविंद्र, धर्मबीर, हजारी, रणबीर, सुभाष, सुमित भी मौजूद रहे।