भालौठ में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप है। सड़क व गलियों में सालभर गंदा पानी जमा रहता है। बलियाणा रोड पर कीचड़ से निकलना मुश्किल है। गंदगी से बीमारियों का खतरा बढ़ा है तो रात के अंधेरे में हादसे आम हो गए हैं। हालत ये है कि गांव में निकटतम ड्रेन ही नहीं है। गांव भालौठ के लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से पूरा गांव बदहाल है। गांव की सड़क और गलियां गंदे पानी से लबालब हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पानी निकालने के लिए ड्रेन की व्यवस्था ही नहीं है। नालियां जाम होने के कारण घरों का पानी भी सड़कों पर बहता है। बारिश हो या न हो, गलियों में हर वक्त पानी जमा रहता है। सोनीपत रोड व बलियाणा रोड पर कीचड़ व जलभराव के कारण दोपहिया वाहन फिसलते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। वहीं, बरसात के समय खेताें का पानी सिंचाई विभाग की माइनर में डाला जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि सोनीपत रोड पर जलभराव से एक्सीडेंट तक हो चुके हैं। ग्रामीण ईश्वर सिंह, संजय व सुरेश ने कहा कि पीने के पानी की स्थिति भी ठीक नहीं है। गांव में पीने के पानी के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं है। सप्लाई कभी-कभार आती है और प्रेशर इतना कम रहता है कि आखिरी छोर तक पानी नहीं पहुंचता। लोग दो से तीन किलोमीटर दूर नलकूप से पानी लेन को मजबूर हैं।