रोहतक। सेक्टर 2,3,4 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्थापित निपुण वाटिका का बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और एफएलएन समन्वयकों ने एक्सपोजर विजिट किया। अधिकारियों के दल ने वाटिका में बच्चों के बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए लर्निंग कॉर्नर, गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री, वॉल पेंटिंग, खेल-खेल में सीखने के मॉडल व आकर्षक साज-सज्जा का बारीकी से अवलोकन किया। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अपनाई जा रही नवाचारी शिक्षण विधियों, टीएलएम के उपयोग और बच्चों की प्रगति के आकलन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। विजिट के दौरान अधिकारियों ने कक्षा में बच्चों से संवाद भी किया और उनकी सीखने की क्षमता को परखा। पंचकूला से एफएलएन समन्वयक असिन्द्र कुमार ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि निपुण वाटिका का यह मॉडल अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने इसे अपने-अपने जिलों में लागू करने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि हर बच्चा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान में निपुण बन सके। रोहतक जिला एफएलएन समन्वयक रूपांशी हुड्डा ने कहा कि जिला अधिकारियों निपुण वाटिका मॉडल को सराहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय की ओर से प्रत्येक जिले में एक मॉडल निपुण वाटिक खोलने का पत्र जारी किया जा चुका है।