बाबा बालकपुरी धाम में आयोजित नेशनल थैलीसीमिया सेमिनार में जनस्वास्थ्य मंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। हम और आप सोशल वेलफेयर सोसायटी व रक्तगिरी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों के चिकित्सकों ने भी थैलीसीमिया बीमारी पर अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि ने कहा कि थैलीसीमिया बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। गर्भवती महिला की जांच से समय पर उसके शिशु का बीमारी पीड़ित होने का पता लगाया जा सकता है। इससे बीमारी आगे बढ़ने से रोकी जा सकेगी। साथ ही इस बीमारी की जांच अनिवार्य कराने व इलाज के संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष यह बात रखी जाएगी। सेमिनार ने चिकित्सकों ने थैलीसीमिया से बचाव पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए बीमारी जांच कराना जरूरी है। समय रहते बीमारी का पता लगाकर इससे बचा जा सकता है। बीमारी होने पर केवल रक्त चढ़ाने के लिए कोई विकल्प नहीं रहता है। इसलिए शादी से पहले व गर्भवती महिला की जांच जरूरी कराई जानी चाहिए। इससे बीमारी का पता लगने पर उचित कदम उठाया जा सकता है। यहां थैलीसीमिया पीड़ितों व उनके परिजनों ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर महामंडलेश्वर बाबा कपिलपुरी, महामंडलेश्वर डाॅ. परमानंद स्वामी, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, उद्योगपति राजेश जैन समेत अनेक लोग मौजूद रहे।