भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की जिला इकाई ने शनिवार को किसान भवन में बैठक कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान समय सिंह ने की। प्रधान ने कहा कि सरकार बार-बार यह कहती है कि एमएसपी थी, है और रहेगी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। इस समय बाजरा बाजार में 1700 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि किसान अपनी मेहनत की फसल को ओने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हैं। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। समय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 21 सितंबर तक बाजरा की एमएसपी पर खरीद शुरू नहीं की तो किसान 22 सितंबर को जीटी रोड जाम करेंगे या मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अब किसानों के अस्तित्व की लड़ाई है और इसके लिए भाकियू चढूनी पीछे नहीं हटेगी। प्रधान ने आगे कहा कि हरियाणा में सरकार बनाने में अहीरवाल क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है और यही इलाका बाजरे का सबसे बड़ा उत्पादक भी है, लेकिन किसानों की उपेक्षा की जा रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर चुप है, न कोई ठोस समाधान दे रहा है और न ही समर्थन कर रहा है। इस मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, बाबूलाल रोडवेज, राजकुमार, ओपी लोहना, मनीषा यादव, रोशन लाल दरोगा सहित कई किसान नेता मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।